'सरोज स्मृति' निराला जी द्वारा अपनी पुत्री सरोज के असामयिक निधन पर लिखा गया एक शोकगीत है। यह कविता पिता के हृदय की वेदना और जीवन के संघर्षों का जीवंत चित्रण है।
1. प्रश्न: 'सरोज स्मृति' किसकी स्मृति में लिखी गई है?
उत्तर: कवि की दिवंगत पुत्री सरोज की स्मृति में。
2. प्रश्न: निराला किस काव्य-धारा के प्रमुख कवि हैं?
उत्तर: छायावाद。
3. प्रश्न: कविता में कवि किसका विलाप करता है?
उत्तर: अपनी पुत्री सरोज का。
1. कविता में कवि को पत्नी की याद क्यों आती है?
उत्तर: पुत्री में उसे पत्नी की झलक दिखाई देती है। दोनों के रूप-रंग का साम्य उसे याद आता है, जिससे उसका दुख और बढ़ जाता है。
2. निराला का जीवन-संघर्ष कविता में कैसे झलकता है?
उत्तर: कविता में उनका व्यक्तिगत दुख और अभाव झलकता है। वे अपनी पीड़ा को व्यक्त करते हैं, जिससे उनका संघर्षपूर्ण जीवन सामने आता है。
प्रश्न: 'सरोज स्मृति' कविता का भावार्थ लिखिए।
उत्तर: इस कविता में निराला अपनी दिवंगत पुत्री सरोज की स्मृतियों में डूबे हैं। वे उसके विवाह, रूप-सौंदर्य और स्नेह को याद करते हैं। अब वही स्मृतियाँ उनके लिए असह्य पीड़ा बन गई हैं। इसमें पिता का करुण विलाप और जीवन की नश्वरता स्पष्ट दिखती है。
प्रश्न: निराला का संक्षिप्त साहित्यिक परिचय दीजिए।
उत्तर: सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' छायावाद के प्रमुख स्तंभ और मुक्त छंद के प्रवर्तक हैं। उनकी रचनाओं में विद्रोह, करुणा और भावों की गहराई का अद्भुत समन्वय मिलता है。