प्रश्न 1: पीतल एवं ताँबे के बरतनों में दही एवं खट्टे पदार्थ क्यों नहीं रखने चाहिए?
उत्तर: दही एवं खट्टे पदार्थों में अम्ल (Acid) होता है। जब ये पदार्थ पीतल या ताँबे के संपर्क में आते हैं, तो वे धातु के साथ अभिक्रिया करके जहरीले (विषाक्त) लवण बनाते हैं। ये लवण हमारे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकते हैं और भोजन को खराब कर देते हैं।
प्रश्न 2: अम्ल का जलीय विलयन क्यों विद्युत का चालन करता है?
उत्तर: अम्ल जब जल में घोला जाता है, तो वह आयनों में वियोजित हो जाता है (जैसे H⁺ आयन)। विलयन में इन मुक्त आयनों की उपस्थिति के कारण ही विद्युत का चालन संभव हो पाता है।
प्रश्न 3: शुष्क हाइड्रोक्लोरिक गैस शुष्क लिटमस पत्र के रंग को क्यों नहीं बदलती?
उत्तर: अम्लीय व्यवहार केवल जल की उपस्थिति में ही प्रकट होता है क्योंकि जल में ही H⁺ आयन बनते हैं। शुष्क HCl गैस में आयन नहीं बन पाते, इसलिए वह शुष्क लिटमस पत्र के साथ कोई अभिक्रिया नहीं करती और रंग नहीं बदलता।
प्रश्न 4: प्लास्टर ऑफ पेरिस (POP) को आर्द्रता-रोधी (Moisture-proof) बर्तन में क्यों रखा जाना चाहिए?
उत्तर: प्लास्टर ऑफ पेरिस CaSO₄·½H₂O नमी (जल) के संपर्क में आते ही बहुत जल्दी 'जिप्सम' नामक कठोर पदार्थ में बदल जाता है। जिप्सम बनने के बाद यह काम के लायक नहीं रहता। इसलिए इसे नमी से बचाकर रखना आवश्यक है।
प्रश्न 5: उदासीनीकरण अभिक्रिया (Neutralization Reaction) क्या है? दो उदाहरण दीजिए।
उत्तर: जब अम्ल और क्षारक आपस में अभिक्रिया करके लवण और जल बनाते हैं, तो इसे उदासीनीकरण अभिक्रिया कहते हैं।
उदाहरण 1: NaOH + HCl → NaCl + H₂O
उदाहरण 2: KOH + HNO₃ → KNO₃ + H₂O
प्रश्न 6: धोने का सोडा एवं बेकिंग सोडा के दो-दो प्रमुख उपयोग बताइए।
धोने का सोडा (Washing Soda): 1. जल की स्थाई कठोरता दूर करने में। 2. कांच, साबुन और कागज उद्योगों में।
बेकिंग सोडा (Baking Soda): 1. रसोई घर में खस्ता पकौड़े बनाने और केक फुलाने में। 2. सोडा-अम्ल अग्निशामक (Fire Extinguisher) में।
प्रश्न 7: आसवित जल विद्युत का चालक क्यों नहीं होता, जबकि वर्षा का जल होता है?
उत्तर: आसवित जल (Distilled Water) एकदम शुद्ध होता है और इसमें आयन नहीं होते, इसलिए यह विद्युत का चालन नहीं करता। इसके विपरीत, वर्षा के जल में वायुमंडल की गैसें (जैसे CO₂) घुलकर अम्ल बना लेती हैं, जिससे उसमें आयन पैदा हो जाते हैं और वह विद्युत का चालन करने लगता है।