प्रश्न 1: हमारे जैसे बहुकोशिकीय जीवों में ऑक्सीजन की आवश्यकता पूरी करने में विसरण (Diffusion) क्यों अपर्याप्त है?
उत्तर: बहुकोशिकीय जीवों (जैसे मनुष्य) का शरीर बहुत विशाल और जटिल होता है। हमारी सभी कोशिकाएँ सीधे बाहरी पर्यावरण के संपर्क में नहीं रहतीं। विसरण एक बहुत धीमी प्रक्रिया है, जिससे ऑक्सीजन को शरीर के हर हिस्से तक पहुँचाने में वर्षों लग सकते हैं। इसलिए हमारे शरीर में श्वसन वर्णक (जैसे हीमोग्लोबिन) और एक जटिल श्वसन तंत्र की आवश्यकता होती है।
प्रश्न 2: स्वयंपोषी पोषण तथा विषमपोषी पोषण में क्या अंतर है?
स्वयंपोषी पोषण: इसमें जीव (जैसे हरे पौधे) अपना भोजन स्वयं अकार्बनिक पदार्थों (CO₂, जल) और सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में बनाते हैं।
विषमपोषी पोषण: इसमें जीव (जैसे मनुष्य, शेर) अपने भोजन के लिए प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से पौधों या अन्य जीवों पर निर्भर रहते हैं।
प्रश्न 3: हमारे आमाशय (Stomach) में अम्ल (HCl) की भूमिका क्या है?
उत्तर: आमाशय में हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के दो मुख्य कार्य हैं:
1. यह माध्यम को अम्लीय बनाता है जो 'पेप्सिन' एंजाइम को सक्रिय करने के लिए आवश्यक है।
2. यह भोजन के साथ आए हानिकारक जीवाणुओं (Bacteria) को नष्ट कर देता है।
प्रश्न 4: पाचक एंजाइमों (Digestive Enzymes) का क्या कार्य है?
उत्तर: पाचक एंजाइम जैव-उत्प्रेरक होते हैं। इनका मुख्य कार्य भोजन के जटिल पोषक तत्वों (जैसे कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और वसा) को सरल और घुलनशील अणुओं में तोड़ना है, ताकि वे छोटी आँत द्वारा आसानी से अवशोषित किए जा सकें।
प्रश्न 5: वायवीय श्वसन (Aerobic) तथा अवायवीय श्वसन (Anaerobic) में क्या अंतर है?
वायवीय श्वसन: यह ऑक्सीजन की उपस्थिति में होता है। इसमें ग्लूकोज पूरी तरह टूटकर अधिक ऊर्जा मुक्त करता है।
अवायवीय श्वसन: यह ऑक्सीजन की अनुपस्थिति में होता है (जैसे यीस्ट में)। इसमें कम ऊर्जा मुक्त होती है और इथेनॉल या लैक्टिक अम्ल बनता है।
प्रश्न 6: जाइलम (Xylem) और फ्लोएम (Phloem) में पदार्थों के वहन में क्या अंतर है?
जाइलम: यह जड़ों से जल और खनिजों को पौधों के ऊपरी हिस्सों तक पहुँचाता है (केवल एक दिशा में)।
फ्लोएम: यह पत्तियों में बने भोजन (सुक्रोज) को पौधे के सभी भागों तक पहुँचाता है (दोनों दिशाओं में)।
प्रश्न 7: नेफ्रॉन (वृक्काणु) की रचना तथा कार्यविधि का वर्णन कीजिए।
उत्तर: नेफ्रॉन किडनी की कार्यात्मक इकाई है। यह रक्त को छानकर उसमें से अपशिष्ट पदार्थों (जैसे यूरिया और यूरिक एसिड) को अलग करता है और मूत्र का निर्माण करता है।
छात्रों के लिए निर्देश: बोर्ड परीक्षा के लिए मानव उत्सर्जन तंत्र और नेफ्रॉन का नामांकित चित्र बनाना ज़रूर सीखें।