प्रश्न 1: प्रतिवर्ती क्रिया (Reflex Action) तथा टहलने के बीच क्या अंतर है?
उत्तर:
- प्रतिवर्ती क्रिया: यह एक अनैच्छिक क्रिया है जो अचानक और बहुत तेज़ी से होती है (जैसे गर्म वस्तु छूने पर हाथ हटाना)। इसे 'मेरुरज्जु' नियंत्रित करता है।
- टहलना: यह एक ऐच्छिक क्रिया है जिसे हम सोच-समझकर अपनी इच्छा से करते हैं। इसे 'मस्तिष्क' नियंत्रित करता है।
प्रश्न 2: दो तंत्रिका कोशिकाओं (Neurons) के मध्य सिनैप्स (Synapse) में क्या होता है?
उत्तर: सिनैप्स दो न्यूरॉन्स के बीच का खाली स्थान है। यहाँ विद्युत संकेत रसायनों (न्यूरोट्रांसमीटर) में बदल जाते हैं। ये रसायन अगले न्यूरॉन की द्रुमिका (Dendrite) तक पहुँचकर फिर से विद्युत संकेत उत्पन्न करते हैं, जिससे संदेश आगे बढ़ता है।
प्रश्न 3: मस्तिष्क का कौन-सा भाग शरीर की स्थिति तथा संतुलन का अनुरक्षण करता है?
उत्तर: पश्च-मस्तिष्क में स्थित अनुमस्तिष्क (Cerebellum) शरीर की भंगिमा (Posture) और संतुलन को बनाए रखने के लिए जिम्मेदार होता है।
प्रश्न 4: पादप हार्मोन (Plant Hormones) क्या हैं? इसके दो उदाहरण दीजिए।
उत्तर: पौधों में वृद्धि और विकास को नियंत्रित करने वाले रसायनों को पादप हार्मोन कहते हैं।
- ऑक्सिन (Auxin): यह कोशिकाओं की लंबाई बढ़ाने में मदद करता है।
- एब्सिसिक अम्ल (Abscisic Acid): यह पौधों की वृद्धि को रोकता है और पत्तियों के मुरझाने का कारण बनता है।
प्रश्न 5: छुई-मुई पादप की पत्तियों की गति, प्रकाश की ओर प्ररोह की गति से किस प्रकार भिन्न है?
उत्तर: छुई-मुई की गति 'वृद्धि से मुक्त' होती है और स्पर्श के प्रति बहुत तीव्र अनुक्रिया है। जबकि प्रकाश की ओर प्ररोह (Stem) की गति 'वृद्धि पर आधारित' होती है, जो बहुत धीमी होती है और इसे 'प्रकाशनुवर्तन' कहते हैं।
प्रश्न 6: आयोडीन युक्त नमक के उपयोग की सलाह क्यों दी जाती है?
उत्तर: गले में स्थित थायरॉइड ग्रंथि को 'थायरोक्सिन' हार्मोन बनाने के लिए आयोडीन की आवश्यकता होती है। यह हार्मोन कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और वसा के उपापचय को नियंत्रित करता है। आयोडीन की कमी से **'घेघा' (Goitre)** रोग हो सकता है, जिसमें गला फूल जाता है।
प्रश्न 7: जब एड्रिनेलिन रुधिर में स्रावित होता है, तो हमारे शरीर में क्या अनुक्रिया होती है?
उत्तर: एड्रिनेलिन को 'आपातकालीन हार्मोन' कहते हैं। इसके स्रावित होने पर:
1. हृदय की धड़कन बढ़ जाती है ताकि पेशियों को अधिक ऑक्सीजन मिले।
2. श्वसन दर भी बढ़ जाती है।
3. पाचन तंत्र और त्वचा में रुधिर की आपूर्ति कम हो जाती है और कंकाल पेशियों की ओर रुधिर बढ़ जाता है।