Biology - Chapter 11: उच्च पादपों में प्रकाश-संश्लेषण
1. प्रकाश-संश्लेषण की प्रक्रिया (The Process Overview)
प्रकाश-संश्लेषण एक भौतिक-रासायनिक प्रक्रिया है जिसमें पौधे सौर ऊर्जा का उपयोग करके कार्बनिक यौगिकों (Glucose) का संश्लेषण करते हैं।
| अभिक्रिया (Reaction) |
स्थान (Location) |
उत्पाद (Products) |
| Light Reaction (प्रकाशिक) |
Grana (Thylakoids) |
ATP, NADPH, O2 |
| Dark Reaction (अप्रकाशिक) |
Stroma |
Glucose (Sugar) |
प्रश्न 1: क्लोरोफिल 'a' को मुख्य वर्णक (Chief Pigment) क्यों माना जाता है?
उत्तर: क्लोरोफिल 'a' प्रकाश-संश्लेषण की दर को निर्धारित करने वाला मुख्य वर्णक है। यह सीधे तौर पर प्रकाश ऊर्जा को रासायनिक ऊर्जा में बदलने की क्षमता रखता है। अन्य वर्णक (जैसे क्लोरोफिल 'b', जेन्थोफिल) सहायक वर्णक कहलाते हैं क्योंकि वे प्रकाश को अवशोषित कर क्लोरोफिल 'a' को स्थानांतरित करते हैं।
प्रश्न 2: 'Z-Scheme' (गैर-चक्रीय फोटोफॉस्फोराइलेशन) क्या है?
उत्तर: जब PS II और PS I दोनों मिलकर काम करते हैं, तो इलेक्ट्रॉनों का प्रवाह एक ज़िग-ज़ैग (Z) पैटर्न में होता है। इसमें जल का प्रकाश-अपघटन (Photolysis) होता है, जिससे ऑक्सीजन निकलती है और अंत में ATP और NADPH का निर्माण होता है।
प्रश्न 4: C4 पौधों की 'क्रैन्ज शारीरिकी' (Kranz Anatomy) क्या है?
उत्तर: C4 पौधों (जैसे मक्का, गन्ना) की पत्तियों में संवहन बंडल के चारों ओर बड़े आकार की 'बंडल शीथ' कोशिकाएं होती हैं। यह संरचना इन्हें उच्च तापमान और कम CO2 में भी प्रकाश-संश्लेषण करने में मदद करती है और प्रकाश-श्वसन (Photorespiration) को रोकती है।
प्रश्न 6: प्रकाश-संश्लेषण को प्रभावित करने वाले 'ब्लैकमैन का सीमाकारी कारक नियम' क्या है?
उत्तर: इस नियम के अनुसार, यदि कोई रासायनिक प्रक्रिया एक से अधिक कारकों द्वारा प्रभावित होती है, तो उस प्रक्रिया की दर उस कारक द्वारा निर्धारित होगी जो अपनी न्यूनतम (न्यूनतम) मात्रा में उपस्थित है।