(Some Basic Concepts of Chemistry)
रसायन विज्ञान विज्ञान की वह शाखा है जो पदार्थों के संगठन, उनकी संरचना और उनके गुणों का गहराई से अध्ययन करती है। आधुनिक काल में यह हमारे जीवन के हर क्षेत्र से जुड़ा है। कैंसर जैसी बीमारियों के इलाज के लिए **सिस्प्लेटिन (Cisplatin)** और **टैक्सोल (Taxol)** जैसी दवाइयों का निर्माण इसी विज्ञान की देन है। इसके अलावा उद्योगों, कृषि और नई ऊर्जा तकनीकों में इसका विशेष महत्व है।
द्रव्य वह पदार्थ है जिसमें भार (Mass) होता है और जो स्थान घेरता है। इसे दो आधारों पर विभाजित किया जाता है:
तापमान और दबाव के आधार पर द्रव्य की तीन अवस्थाएं होती हैं - ठोस (निश्चित आकार), द्रव (निश्चित आयतन) और गैस (कोई निश्चित आकार या आयतन नहीं)।
शुद्धता के आधार पर द्रव्य को शुद्ध पदार्थ और मिश्रण में बांटा जाता है। शुद्ध पदार्थों में तत्व (जैसे हाइड्रोजन) और यौगिक (जैसे जल) आते हैं, जबकि मिश्रण समांगी या विषमांगी हो सकते हैं।
इस नियम के अनुसार, "एक शुद्ध रासायनिक यौगिक में तत्व हमेशा भार के एक निश्चित अनुपात में मौजूद होते हैं"।
उदाहरण: शुद्ध जल (H2O) चाहे आप नदी से लें या प्रयोगशाला में बनाएँ, इसमें हाइड्रोजन और ऑक्सीजन का भार अनुपात हमेशा 1:8 ही रहेगा।
ही रहेगा।उदाहरण: कार्बन और ऑक्सीजन मिलकर CO और CO2 बनाते हैं। यहाँ ऑक्सीजन का अनुपात 16:32 यानी 1:2 है।
परीक्षा की दृष्टि से मोल अवधारणा पर आधारित सवाल बहुत महत्वपूर्ण हैं। यहाँ कुछ हल किए गए उदाहरण दिए गए हैं:
किसी अभिक्रिया में जो पदार्थ सबसे पहले पूरी तरह से समाप्त हो जाता है, उसे सीमांत अभिकर्मक कहते हैं। यही पदार्थ निर्धारित करता है कि उत्पाद (Product) कितना बनेगा।
व्यावहारिक उदाहरण: यदि चाय बनाते समय दूध खत्म हो जाए, तो चाय कितनी बनेगी यह दूध की मात्रा तय करेगी, भले ही चीनी और पत्ती कितनी भी ज्यादा हो। यहाँ दूध सीमांत अभिकर्मक है।
परमाणुओं और अणुओं की संख्या बहुत अधिक होने के कारण गणना के लिए 'मोल' इकाई का प्रयोग किया जाता है। यह रसायन विज्ञान की सबसे महत्वपूर्ण अवधारणा है।
विलयनों में मौजूद विलेय की मात्रा को मापने के लिए निम्नलिखित इकाइयों का प्रयोग होता है:
| इकाई का नाम | परिभाषा | सूत्र / मात्रक |
|---|---|---|
| मोलरता (Molarity) | 1 लीटर विलयन में विलेय के मोलों की संख्या | M = n / V (Litre) |
| मोललता (Molality) | 1 किलोग्राम विलायक में विलेय के मोलों की संख्या | m = n / W (Kg) |
| मोल अंश (Mole Fraction) | अवयव के मोलों और कुल मोलों का अनुपात | x = nA / (nA + nB) |