अध्याय 4

धातुओं और अधातुओं का संसार

Metals and Non-Metals

📘 सारांश:
इस अध्याय में धातुओं और अधातुओं के गुण, उपयोग तथा उनके बीच अंतर का अध्ययन किया जाता है। धातुएँ सामान्यतः चमकीली, कठोर तथा विद्युत और ऊष्मा की सुचालक होती हैं, जबकि अधातुएँ प्रायः भंगुर तथा कुचालक होती हैं।

धातु एवं अधातु के उदाहरण

धातु अधातु
लोहा कार्बन
ताँबा सल्फर
सोना ऑक्सीजन
एल्युमिनियम फॉस्फोरस

NCERT प्रश्न-उत्तर

प्रश्न 1: धातु किसे कहते हैं?
उत्तर: वे पदार्थ जो चमकीले, कठोर, तन्य तथा विद्युत और ऊष्मा के सुचालक होते हैं, धातु कहलाते हैं।

उदाहरण:
प्रश्न 2: अधातु किसे कहते हैं?
उत्तर: वे पदार्थ जो चमकीले नहीं होते तथा विद्युत और ऊष्मा के कुचालक होते हैं, अधातु कहलाते हैं।

उदाहरण:
प्रश्न 3: धातुओं के मुख्य गुण लिखिए।
धातुओं के मुख्य गुण:
प्रश्न 4: अधातुओं के मुख्य गुण लिखिए।
अधातुओं के मुख्य गुण:
प्रश्न 5: धातु और अधातु में अंतर लिखिए।
धातु अधातु
चमकीली होती हैं। चमकीली नहीं होतीं।
विद्युत की सुचालक होती हैं। विद्युत की कुचालक होती हैं।
कठोर होती हैं। भंगुर होती हैं।
तार बनाए जा सकते हैं। तार नहीं बनाए जा सकते।
प्रश्न 6: ताँबे का उपयोग विद्युत तार बनाने में क्यों किया जाता है?
उत्तर: ताँबा विद्युत का अच्छा सुचालक होता है तथा इसे आसानी से तार के रूप में खींचा जा सकता है, इसलिए इसका उपयोग विद्युत तार बनाने में किया जाता है।
प्रश्न 7: सोने और चाँदी का उपयोग आभूषण बनाने में क्यों किया जाता है?
उत्तर: सोना और चाँदी चमकीले, तन्य तथा जंगरोधी होते हैं, इसलिए उनका उपयोग आभूषण बनाने में किया जाता है।
प्रश्न 8: धातुओं के तीन उपयोग लिखिए।
प्रश्न 9: अधातुओं के तीन उपयोग लिखिए।

🌍 रोचक तथ्य

पारा (Mercury) एक ऐसी धातु है जो सामान्य तापमान पर द्रव अवस्था में पाई जाती है।

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