अध्याय 10: कार्य तथा ऊर्जा

कक्षा 9 विज्ञान | कार्य, ऊर्जा के रूप और शक्ति की विस्तृत व्याख्या

कार्य (Work): विज्ञान के अनुसार कार्य तब माना जाता है जब किसी वस्तु पर बल लगाया जाए और वह वस्तु बल की दिशा में विस्थापित हो।
इसका मात्रक जूल (J) है।

1. कार्य का गणितीय रूप

कार्य (W) = बल (F) × विस्थापन (s)
W = F × s
यदि बल और विस्थापन के बीच कोण $\theta$ हो, तो W = Fs \cos \theta
प्रश्न 1: 1 जूल कार्य को परिभाषित करें।
उत्तर: जब किसी वस्तु पर 1 न्यूटन का बल लगाने पर वह बल की दिशा में 1 मीटर विस्थापित हो जाए, तो किया गया कार्य 1 जूल कहलाता है।

2. ऊर्जा और उसके रूप

कार्य करने की क्षमता को ऊर्जा कहते हैं। इसके मुख्य रूप हैं:
प्रश्न 2: ऊर्जा संरक्षण का नियम (Law of Conservation of Energy) क्या है?
उत्तर: ऊर्जा को न तो पैदा किया जा सकता है और न ही नष्ट किया जा सकता है, इसे केवल एक रूप से दूसरे रूप में बदला जा सकता है। ब्रह्मांड की कुल ऊर्जा सदैव नियत रहती है।

3. शक्ति (Power)

कार्य करने की दर को शक्ति कहते हैं।
P = \frac{W}{t} (शक्ति = कार्य / समय)
शक्ति का मात्रक वाट (W) है।
1 किलोवाट (kW) = 1000 वाट।
प्रश्न 3: व्यावसायिक मात्रक 'यूनिट' क्या है?
उत्तर: विद्युत ऊर्जा के व्यावसायिक मात्रक को किलोवाट घंटा (kWh) कहते हैं, जिसे सामान्य भाषा में 'यूनिट' कहा जाता है।
1 kWh = 3.6 × 10^6 जूल

यांत्रिक ऊर्जा के प्रकारों में तुलना

ऊर्जा का प्रकार निर्भरता सूत्र
गतिज ऊर्जा द्रव्यमान और वेग पर $1/2 mv^2$
स्थितिज ऊर्जा द्रव्यमान और ऊँचाई पर $mgh$
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