अध्याय 12: खाद्य संसाधनों में सुधार

कक्षा 9 विज्ञान | कृषि प्रबंधन, फसल सुरक्षा और पशुपालन

अध्याय का परिचय: बढ़ती जनसंख्या के लिए भोजन की आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु फसल उत्पादन और पशुपालन में सुधार आवश्यक है। इसे 'हरित क्रांति' और 'श्वेत क्रांति' द्वारा हासिल किया गया है।

1. फसल उत्पादन में सुधार

फसल की पैदावार बढ़ाने के तीन मुख्य तरीके हैं:

2. खाद (Manure) और उर्वरक (Fertilizer) में अंतर

खाद (Manure) उर्वरक (Fertilizer)
यह प्राकृतिक जैविक पदार्थ है। यह रासायनिक पदार्थों से बना होता है।
मिट्टी को प्रचुर मात्रा में ह्यूमस देती है। मिट्टी को ह्यूमस प्राप्त नहीं होता।
मिट्टी की उर्वरता लंबे समय तक बढ़ाती है। अत्यधिक उपयोग से मिट्टी को नुकसान हो सकता है।
प्रश्न 1: अंतराफसलीकरण (Inter-cropping) क्या है?
उत्तर: एक ही खेत में दो या दो से अधिक फसलों को एक साथ एक निश्चित कतार पैटर्न में उगाना अंतराफसलीकरण कहलाता है। जैसे- गेहूँ + सरसों। इससे संसाधनों का बेहतर उपयोग होता है और जोखिम कम होता है।

3. सिंचाई और फसल पैटर्न

भारत में सिंचाई के प्रमुख स्रोत कुएँ, नहरें, नदियाँ और तालाब हैं। फसल उगाने की मुख्य विधियाँ:

4. पशुपालन (Animal Husbandry)

पशुधन प्रबंधन को पशुपालन कहते हैं। इसके अंतर्गत दूध देने वाले पशु (Milk Animals) और खेती के काम आने वाले पशु (Draught Animals) आते हैं।
प्रश्न 2: अनाज के भंडारण के दौरान होने वाले नुकसान के क्या कारण हैं?
उत्तर: इसके दो प्रमुख कारण हैं:
  1. जैविक कारण: कीट, चूहे, कवक और जीवाणु।
  2. अजैविक कारण: नमी की अधिकता और अनुचित तापमान।
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