अध्याय का परिचय: बढ़ती जनसंख्या के लिए भोजन की आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु फसल उत्पादन और पशुपालन में सुधार आवश्यक है। इसे 'हरित क्रांति' और 'श्वेत क्रांति' द्वारा हासिल किया गया है।
1. फसल उत्पादन में सुधार
फसल की पैदावार बढ़ाने के तीन मुख्य तरीके हैं:
- फसल की किस्मों में सुधार: संकरण (Hybridization) द्वारा अच्छे गुणों वाली फसल तैयार करना।
- फसल उत्पादन प्रबंधन: पोषक तत्वों, सिंचाई और फसल के तरीकों का सही चुनाव।
- फसल सुरक्षा प्रबंधन: खरपतवार, कीटों और रोगों से सुरक्षा।
2. खाद (Manure) और उर्वरक (Fertilizer) में अंतर
| खाद (Manure) |
उर्वरक (Fertilizer) |
| यह प्राकृतिक जैविक पदार्थ है। |
यह रासायनिक पदार्थों से बना होता है। |
| मिट्टी को प्रचुर मात्रा में ह्यूमस देती है। |
मिट्टी को ह्यूमस प्राप्त नहीं होता। |
| मिट्टी की उर्वरता लंबे समय तक बढ़ाती है। |
अत्यधिक उपयोग से मिट्टी को नुकसान हो सकता है। |
प्रश्न 1: अंतराफसलीकरण (Inter-cropping) क्या है?
उत्तर: एक ही खेत में दो या दो से अधिक फसलों को एक साथ एक निश्चित कतार पैटर्न में उगाना अंतराफसलीकरण कहलाता है। जैसे- गेहूँ + सरसों। इससे संसाधनों का बेहतर उपयोग होता है और जोखिम कम होता है।
3. सिंचाई और फसल पैटर्न
भारत में सिंचाई के प्रमुख स्रोत कुएँ, नहरें, नदियाँ और तालाब हैं। फसल उगाने की मुख्य विधियाँ:
- मिश्रित खेती: दो या दो से अधिक फसलें एक साथ उगाना (कोई निश्चित कतार नहीं)।
- फसल चक्र (Crop Rotation): एक ही खेत में क्रमवार अलग-अलग फसलें उगाना जिससे मिट्टी की उर्वरता बनी रहे।
4. पशुपालन (Animal Husbandry)
पशुधन प्रबंधन को पशुपालन कहते हैं। इसके अंतर्गत दूध देने वाले पशु (Milk Animals) और खेती के काम आने वाले पशु (Draught Animals) आते हैं।
- कुक्कुट पालन (Poultry): अंडे और मांस उत्पादन के लिए मुर्गियों का पालन।
- मत्स्य पालन (Fish Production): मछली प्राप्त करने के स्रोत समुद्र या ताज़ा जल हो सकते हैं।
- मधुमक्खी पालन (Apiculture): शहद और मोम उत्पादन के लिए मधुमक्खियों का पालन।
प्रश्न 2: अनाज के भंडारण के दौरान होने वाले नुकसान के क्या कारण हैं?
उत्तर: इसके दो प्रमुख कारण हैं:
- जैविक कारण: कीट, चूहे, कवक और जीवाणु।
- अजैविक कारण: नमी की अधिकता और अनुचित तापमान।