महत्वपूर्ण परिभाषा: विज्ञान की भाषा में 'शुद्ध' पदार्थ वह है जिसके सभी कण समान रासायनिक प्रकृति के हों। अधिकांश पदार्थ दो या दो से अधिक शुद्ध अवयवों के मिलने से बनते हैं, जिन्हें **मिश्रण** कहते हैं।
मुख्य प्रश्न और उत्तर
प्रश्न 1: शुद्ध पदार्थ से आप क्या समझते हैं?
उत्तर: एक शुद्ध पदार्थ वह है जो केवल एक ही प्रकार के कणों (परमाणुओं या अणुओं) से मिलकर बना होता है और उसके सभी कणों के रासायनिक गुण समान होते हैं। जैसे- सोना, जल, ऑक्सीजन आदि।
प्रश्न 2: समांगी और विषमांगी मिश्रणों में अंतर स्पष्ट करें।
उत्तर:
- समांगी मिश्रण: इसके संघटक पूरे मिश्रण में एक समान रूप से मिले होते हैं (जैसे- चीनी और जल का घोल)।
- विषमांगी मिश्रण: इसके संघटक अलग-अलग दिखाई देते हैं और इनका वितरण असमान होता है (जैसे- रेत और लोहे का चूर्ण)।
विलयन, निलंबन और कोलाइड में तुलना
| गुणधर्म |
विलयन (Solution) |
निलंबन (Suspension) |
कोलाइड (Colloid) |
| कणों का आकार |
बहुत छोटा (< 1nm) |
बड़ा (> 100nm) |
मध्यम (1-100nm) |
| स्थिरता |
स्थायी |
अस्थायी |
स्थायी |
| टिंडल प्रभाव |
नहीं दिखाता |
दिखाता है |
दिखाता है |
प्रश्न 3: कोलाइडल विलयन के कुछ उदाहरण दें।
उत्तर: दूध, कोहरा, धुआँ, बादल, चेहरे पर लगाने वाली क्रीम और शेविंग क्रीम कोलाइड के प्रमुख उदाहरण हैं।
प्रश्न 4: भौतिक और रासायनिक परिवर्तन में क्या अंतर है?
उत्तर:
भौतिक परिवर्तन: इसमें पदार्थ के केवल भौतिक गुणों (अवस्था, रंग) में परिवर्तन होता है, कोई नया पदार्थ नहीं बनता (जैसे- बर्फ का पिघलना)।
रासायनिक परिवर्तन: इसमें एक नया पदार्थ बनता है जिसके रासायनिक गुण मूल पदार्थ से भिन्न होते हैं (जैसे- लोहे पर जंग लगना या लकड़ी का जलना)।
प्रश्न 5: टिंडल प्रभाव (Tyndall Effect) क्या है?
उत्तर: जब प्रकाश की किरण किसी कोलाइडल विलयन से गुजरती है, तो कोलाइडल कण प्रकाश की किरणों को फैला देते हैं, जिससे प्रकाश का मार्ग दिखाई देने लगता है। इसे 'टिंडल प्रभाव' कहते हैं। उदाहरण- घने जंगल के वितान से सूर्य की रोशनी का गुजरना।