परमाणु के अपरमाणुक कण
परमाणु तीन प्रमुख कणों से मिलकर बना होता है:
- इलेक्ट्रॉन (e⁻): इसकी खोज जे.जे. थॉमसन ने की थी। इस पर ऋणावेश होता है।
- प्रोटॉन (p⁺): इसकी खोज ई. गोल्डस्टीन ने की थी। इस पर धनावेश होता है।
- न्यूट्रॉन (n): इसकी खोज जे. चैडविक ने की थी। यह आवेशहीन (न्यूट्रल) होता है।
महत्वपूर्ण परमाणु मॉडल
1. रदरफोर्ड का परमाणु मॉडल: रदरफोर्ड ने बताया कि परमाणु का केंद्र धनावेशित होता है जिसे 'नाभिक' (Nucleus) कहते हैं। परमाणु का लगभग संपूर्ण द्रव्यमान नाभिक में होता है।
[Image of Rutherford atomic model diagram]
2. बोर का परमाणु मॉडल: नील्स बोर ने बताया कि इलेक्ट्रॉन केवल निश्चित कक्षाओं में ही चक्कर लगाते हैं, जिन्हें 'ऊर्जा स्तर' या 'कोश' (K, L, M, N) कहा जाता है।
प्रश्न 1: केनाल किरणें (Canal Rays) क्या हैं?
उत्तर: केनाल किरणें धनावेशित विकिरण हैं जो गोल्डस्टीन द्वारा खोजे गए प्रोटॉन के अस्तित्व का आधार बनीं।
प्रश्न 2: संयोजकता (Valency) किसे कहते हैं?
उत्तर: किसी परमाणु की सबसे बाहरी कक्षा में उपस्थित इलेक्ट्रॉनों की संख्या या परमाणु की संयोजन शक्ति को उसकी संयोजकता कहते हैं। उदाहरण: ऑक्सीजन की संयोजकता 2 है।
इलेक्ट्रॉन वितरण का नियम (Bohr-Bury Scheme)
किसी कक्षा में अधिकतम इलेक्ट्रॉनों की संख्या सूत्र **2n²** से निकाली जाती है:
- K कोश (n=1): 2(1)² = 2 इलेक्ट्रॉन
- L कोश (n=2): 2(2)² = 8 इलेक्ट्रॉन
- M कोश (n=3): 2(3)² = 18 इलेक्ट्रॉन
प्रश्न 3: समस्थानिक (Isotopes) और समभारिक (Isobars) में क्या अंतर है?
उत्तर:
समस्थानिक: एक ही तत्व के परमाणु जिनकी परमाणु संख्या समान लेकिन द्रव्यमान संख्या भिन्न होती है। (जैसे: ₁H¹, ₁H², ₁H³)
समभारिक: अलग-अलग तत्वों के परमाणु जिनकी द्रव्यमान संख्या समान लेकिन परमाणु संख्या भिन्न होती है। (जैसे: ₁₈Ar⁴⁰ और ₂₀Ca⁴⁰)
परमाणु संख्या और द्रव्यमान संख्या
| शब्द |
परिभाषा |
| परमाणु संख्या (Z) |
नाभिक में उपस्थित प्रोटॉनों की कुल संख्या। |
| द्रव्यमान संख्या (A) |
प्रोटॉनों और न्यूट्रॉनों की कुल संख्या का योग। |