गुरुत्वाकर्षण: ब्रह्मांड में प्रत्येक पिंड प्रत्येक अन्य पिंड को एक बल से आकर्षित करता है। पृथ्वी द्वारा वस्तुओं पर लगाए जाने वाले आकर्षण बल को 'गुरुत्वीय बल' कहते हैं।
1. गुरुत्वाकर्षण का सार्वत्रिक नियम
इस नियम के अनुसार, दो पिंडों के बीच लगने वाला बल उनके द्रव्यमानों के गुणनफल के समानुपाती और उनके बीच की दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होता है।
गणितीय रूप: F = G (m1 × m2) / d²
जहाँ G गुरुत्वीय स्थिरांक है, जिसका मान 6.67 × 10⁻¹¹ Nm²/kg² होता है।
प्रश्न 1: मुक्त पतन (Free Fall) से आप क्या समझते हैं?
उत्तर: जब कोई वस्तु केवल पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण बल के कारण नीचे गिरती है, तो उसे 'मुक्त पतन' कहते हैं। इस दौरान वस्तु के वेग की दिशा नहीं बदलती, लेकिन वेग का परिमाण बदलता रहता है, जिससे 'गुरुत्वीय त्वरण' (g) पैदा होता है।
2. द्रव्यमान (Mass) और भार (Weight) में अंतर
| द्रव्यमान (Mass) |
भार (Weight) |
| वस्तु में निहित पदार्थ की मात्रा। |
पृथ्वी द्वारा वस्तु पर लगाया गया आकर्षण बल। |
| यह हर जगह समान रहता है। |
स्थान बदलने पर यह बदल जाता है। |
| मात्रक: किलोग्राम (kg) |
मात्रक: न्यूटन (N) |
प्रश्न 2: चंद्रमा पर किसी वस्तु का भार पृथ्वी पर उसके भार का 1/6 क्यों होता है?
उत्तर: क्योंकि चंद्रमा का द्रव्यमान और त्रिज्या पृथ्वी की तुलना में कम है, जिससे चंद्रमा का गुरुत्वीय त्वरण (g) पृथ्वी के गुरुत्वीय त्वरण का लगभग छठा हिस्सा है। इसलिए वहां भार भी 1/6 रह जाता है।
3. उत्प्लावकता और आर्कमीडीज का सिद्धांत
- उत्प्लावकता: किसी तरल में डुबोने पर वस्तु पर ऊपर की ओर लगने वाला बल 'उत्प्लावन बल' कहलाता है।
- आर्कमीडीज का सिद्धांत: जब कोई वस्तु किसी तरल में पूरी या आंशिक रूप से डुबोई जाती है, तो वह ऊपर की ओर एक बल का अनुभव करती है जो वस्तु द्वारा हटाए गए तरल के भार के बराबर होता है।
प्रश्न 3: पानी की सतह पर रखने पर कोई वस्तु तैरती या डूबती क्यों है?
उत्तर: यदि वस्तु का घनत्व पानी के घनत्व से कम है, तो वह तैरती है। यदि वस्तु का घनत्व पानी से अधिक है, तो वह डूब जाती है।