लोकतांत्रिक संस्थाएँ: किसी भी लोकतंत्र में सरकार को चलाने के लिए तीन मुख्य संस्थाएँ काम करती हैं:
1. विधायिका (कानून बनाना),
2. कार्यपालिका (कानून लागू करना),
3. न्यायपालिका (विवाद सुलझाना)।
1. संसद (Parliament)
भारत में संसद के दो सदन होते हैं:
- लोकसभा (Lower House): इसके सदस्य जनता द्वारा चुने जाते हैं। इसके पास पैसों के मामले (Budget) में ज्यादा शक्तियाँ होती हैं।
- राज्यसभा (Upper House): यह राज्यों का प्रतिनिधित्व करती है। इसके सदस्यों का चुनाव अप्रत्यक्ष होता है।
प्रश्न 1: लोकसभा, राज्यसभा से अधिक शक्तिशाली क्यों है?
उत्तर: संविधान ने लोकसभा को कुछ विशेष शक्तियाँ दी हैं:
- किसी भी सामान्य कानून को पास करने के लिए दोनों सदनों की सहमति चाहिए, लेकिन मतभेद होने पर संयुक्त अधिवेशन में लोकसभा की सदस्य संख्या ज्यादा होने के कारण उसकी बात मानी जाती है।
- लोकसभा पैसों के मामले (Money Bill) में अंतिम शक्ति रखती है।
- लोकसभा ही मंत्रिपरिषद और प्रधानमंत्री पर नियंत्रण रखती है।
2. राजनीतिक और स्थायी कार्यपालिका
| राजनीतिक कार्यपालिका |
स्थायी कार्यपालिका |
| इसमें जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधि (जैसे- मंत्री) होते हैं। |
इसमें लंबे समय के लिए नियुक्त अधिकारी (जैसे- IAS) होते हैं। |
| इनका कार्यकाल 5 साल का होता है। |
ये अपनी सेवानिवृत्ति (Retirement) तक काम करते हैं। |
| ये अंतिम फैसले लेते हैं। |
ये रोजमर्रा के प्रशासन में मंत्रियों की मदद करते हैं। |
प्रश्न 2: प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति की शक्तियों में क्या अंतर है?
उत्तर:
प्रधानमंत्री: सरकार का वास्तविक प्रमुख होता है। वह कैबिनेट की बैठकों की अध्यक्षता करता है और मंत्रियों को काम बाँटता है।
राष्ट्रपति: देश का औपचारिक प्रमुख होता है। वह नाममात्र की शक्तियों का प्रयोग करता है। भारत के सभी अंतरराष्ट्रीय समझौते और संधियाँ उसी के नाम पर होते हैं।
3. न्यायपालिका (Judiciary)
भारत की न्यायपालिका 'एकीकृत' है। इसका मतलब है कि सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) का फैसला सभी अदालतों को मानना पड़ता है।
- सुप्रीम कोर्ट: देश की सबसे बड़ी अदालत।
- हाई कोर्ट: राज्य स्तर की सबसे बड़ी अदालत।
- न्यायिक समीक्षा: न्यायपालिका को संसद द्वारा बनाए गए किसी भी कानून को रद्द करने का अधिकार है यदि वह संविधान के खिलाफ हो।
प्रश्न 3: गठबंधन सरकार (Coalition Government) क्या है?
उत्तर: जब किसी एक पार्टी को चुनाव में बहुमत नहीं मिलता, तो दो या दो से अधिक पार्टियाँ मिलकर सरकार बनाती हैं, जिसे गठबंधन सरकार कहते हैं। ऐसी सरकार में प्रधानमंत्री अपनी मर्जी से फैसले नहीं ले पाता।