अध्याय 2: संसाधन के रूप में लोग

कक्षा 9 अर्थशास्त्र | मानव पूँजी निर्माण, शिक्षा और स्वास्थ्य का महत्व

मानव पूँजी (Human Capital): जब शिक्षा, प्रशिक्षण और चिकित्सा सेवा में निवेश किया जाता है, तो जनसंख्या 'मानव पूँजी' में बदल जाती है। मानव पूँजी कौशल और उसमें निहित उत्पादन के ज्ञान का भंडार है।

1. आर्थिक क्रियाएँ: पुरुष और महिलाएँ

विभिन्न क्रियाकलापों को तीन मुख्य क्षेत्रों (Sectors) में विभाजित किया गया है:

क्षेत्र (Sector) विवरण उदाहरण
प्राथमिक क्षेत्र प्राकृतिक संसाधनों का सीधा उपयोग। कृषि, वानिकी, पशुपालन, मछली पालन।
द्वितीयक क्षेत्र विनिर्माण (Manufacturing) कार्य। उद्योग, भवन निर्माण।
तृतीयक क्षेत्र सेवाएँ प्रदान करना। व्यापार, परिवहन, बैंकिंग, शिक्षा, स्वास्थ्य।
प्रश्न 1: 'मानव पूँजी निर्माण' आर्थिक विकास के लिए क्यों आवश्यक है?
उत्तर: मानव पूँजी निर्माण भौतिक पूँजी (मशीनों) से भी श्रेष्ठ है क्योंकि मानव संसाधन भूमि और पूँजी का उपयोग कर सकता है। शिक्षित और स्वस्थ लोग अधिक उत्पादक होते हैं, जिससे देश की राष्ट्रीय आय बढ़ती है।

2. जनसंख्या की गुणवत्ता

जनसंख्या की गुणवत्ता मुख्य रूप से दो कारकों पर निर्भर करती है:
प्रश्न 2: 'प्रच्छन्न बेरोजगारी' (Disguised Unemployment) क्या है?
उत्तर: यह स्थिति तब होती है जब लोग काम पर लगे हुए तो दिखाई देते हैं लेकिन उनकी उत्पादकता शून्य होती है। जैसे- एक खेत में 5 लोगों की जरूरत है लेकिन 8 लोग काम कर रहे हैं, तो वे 3 अतिरिक्त लोग 'प्रच्छन्न बेरोजगार' कहलाएंगे। यह मुख्य रूप से कृषि क्षेत्र में पाई जाती है।
प्रश्न 3: मौसमी बेरोजगारी (Seasonal Unemployment) किसे कहते हैं?
उत्तर: जब लोग वर्ष के कुछ महीनों में काम नहीं कर पाते (जैसे बुवाई और कटाई के बीच का समय), तो उसे मौसमी बेरोजगारी कहते हैं। यह ग्रामीण क्षेत्रों की एक बड़ी समस्या है।
प्रश्न 4: शिक्षित बेरोजगारी भारत के लिए एक विशेष समस्या क्यों है?
उत्तर: शहरों में मैट्रिक, स्नातक और स्नातकोत्तर डिग्री धारक अनेक युवा रोजगार पाने में असमर्थ हैं। यह एक जनशक्ति संसाधन की बर्बादी है और समाज में निराशा पैदा करती है।
← पाठ सूची पर वापस जाएँ