निर्धनता (Poverty): निर्धनता का अर्थ है जीवन जीने के लिए न्यूनतम आवश्यक संसाधनों (जैसे- भोजन, कपड़ा, मकान, शिक्षा और स्वास्थ्य) का अभाव। भारत में हर चौथा व्यक्ति निर्धन है।
1. निर्धनता रेखा (Poverty Line)
भारत में निर्धनता रेखा का निर्धारण 'आय' या 'उपभोग' के स्तर पर किया जाता है।
- कैलोरी आवश्यकता: ग्रामीण क्षेत्रों में 2400 कैलोरी और शहरी क्षेत्रों में 2100 कैलोरी प्रति व्यक्ति प्रतिदिन।
- आय स्तर: ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लिए अलग-अलग मौद्रिक मूल्य तय किए जाते हैं।
प्रश्न 1: निर्धनता के मुख्य कारण क्या हैं?
भारत में निर्धनता के प्रमुख कारण निम्नलिखित हैं:
- ऐतिहासिक कारण: ब्रिटिश शासन के दौरान पारंपरिक हस्तशिल्प और उद्योगों का विनाश।
- उच्च जनसंख्या वृद्धि: जनसंख्या बढ़ने से प्रति व्यक्ति आय में कमी आती है।
- भूमि संसाधनों का असमान वितरण: ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि सुधारों का ठीक से लागू न होना।
- सामाजिक-सांस्कृतिक कारक: शादी-ब्याह और धार्मिक उत्सवों पर अत्यधिक खर्च।
2. निर्धनता उन्मूलन के सरकारी उपाय
सरकार ने निर्धनता हटाने के लिए दो रणनीतियाँ अपनाई हैं: (1) आर्थिक संवृद्धि को बढ़ावा देना और (2) लक्षित निर्धनता विरोधी कार्यक्रम।
प्रमुख कार्यक्रम:
- मनरेगा (MGNREGA 2005): इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में हर परिवार को साल में कम से कम 100 दिन के रोजगार की गारंटी देना है। इसमें एक-तिहाई पद महिलाओं के लिए आरक्षित हैं।
- प्रधानमंत्री रोजगार योजना (PMRY): शिक्षित बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार के अवसर प्रदान करना।
- अंत्योदय अन्न योजना (AAY): गरीबों में भी सबसे गरीब लोगों को बहुत कम कीमत पर अनाज उपलब्ध कराना।
प्रश्न 2: 'असुरक्षा' (Vulnerability) से क्या तात्पर्य है?
उत्तर: निर्धनता के प्रति असुरक्षा एक माप है, जो यह बताती है कि आने वाले समय में किन समुदायों (जैसे- पिछड़ी जाति के लोग) या व्यक्तियों (जैसे- विधवा या विकलांग) के निर्धन होने या निर्धन बने रहने की संभावना अधिक है।
प्रश्न 3: सामाजिक अपवर्जन (Social Exclusion) क्या है?
उत्तर: इस अवधारणा के अनुसार, निर्धनों को उन सुविधाओं और लाभों से वंचित रखा जाता है जिनका उपयोग समृद्ध लोग करते हैं। यह निर्धनता का एक कारण भी है और परिणाम भी।