अपवाह (Drainage): 'अपवाह' शब्द एक क्षेत्र के नदी तंत्र की व्याख्या करता है। एक नदी तंत्र द्वारा जिस क्षेत्र का जल प्रवाहित होता है, उसे 'अपवाह द्रोणी' (Drainage Basin) कहते हैं।
भारत में अपवाह तंत्र
भारतीय नदियों को दो मुख्य वर्गों में विभाजित किया गया है:
| हिमालय की नदियाँ |
प्रायद्वीपीय नदियाँ |
| ये बारहमासी होती हैं (पूरे साल पानी रहता है)। |
ये मौसमी होती हैं और वर्षा पर निर्भर करती हैं। |
| ये नदियाँ लंबी होती हैं और गहरे गोर्ज बनाती हैं। |
इनकी लंबाई कम और छिछली होती हैं। |
| उदाहरण: सिंधु, गंगा, ब्रह्मपुत्र। |
उदाहरण: नर्मदा, तापी, गोदावरी, कृष्णा। |
प्रश्न 1: गंगा नदी तंत्र का संक्षिप्त विवरण दें।
उत्तर: गंगा की मुख्य धारा 'भागीरथी' गंगोत्री हिमानी से निकलती है तथा अलकनंदा इसमें उत्तराखंड के **देवप्रयाग** में मिलती है।
- गंगा की लंबाई 2500 किमी से अधिक है।
- यमुना, घाघरा, गंडक और कोसी इसकी मुख्य सहायक नदियाँ हैं।
- गंगा और ब्रह्मपुत्र मिलकर विश्व का सबसे बड़ा डेल्टा **'सुंदरवन डेल्टा'** बनाती हैं।
प्रश्न 2: 'नमामि गंगे' परियोजना क्या है?
उत्तर: यह एक एकीकृत संरक्षण मिशन है जिसे जून 2014 में केंद्र सरकार द्वारा शुरू किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य गंगा नदी के प्रदूषण को कम करना और उसका संरक्षण करना है।
प्रश्न 3: झीलों का महत्व बताइए।
उत्तर: झीलें मानव के लिए बहुत लाभदायक होती हैं:
- यह अत्यधिक वर्षा के समय बाढ़ को रोकती हैं।
- सूखे के समय पानी के बहाव को बनाए रखती हैं।
- जल विद्युत उत्पन्न करने में सहायक होती हैं।
- पर्यटन और प्राकृतिक सुंदरता को बढ़ाती हैं।
प्रश्न 4: गोदावरी नदी को 'दक्षिण गंगा' क्यों कहा जाता है?
उत्तर: गोदावरी प्रायद्वीपीय भारत की सबसे बड़ी नदी है। इसकी लंबाई (लगभग 1500 किमी) और इसके विस्तार के कारण इसे 'दक्षिण गंगा' के नाम से जाना जाता है।
प्रश्न 5: विसर्प (Meander) और गोखुर झील (Ox-bow Lake) क्या हैं?
उत्तर: मैदानी भाग में नदियाँ टेढ़े-मेढ़े रास्तों पर बहती हैं जिन्हें **विसर्प** कहते हैं। समय के साथ विसर्प लूप नदी से कट जाते हैं और एक अलग झील बना लेते हैं, जिसे **गोखुर झील** कहा जाता है।