प्राकृतिक वनस्पति: वनस्पति का वह भाग जो कि मनुष्य की सहायता के बिना अपने आप पैदा होता है और लंबे समय तक उस पर मानवीय प्रभाव नहीं पड़ता, उसे 'अक्षत वनस्पति' कहते हैं।
भारत में वनों के प्रकार
भारत में मुख्य रूप से पाँच प्रकार की वनस्पतियाँ पाई जाती हैं:
| वन का प्रकार |
वर्षा की मात्रा |
प्रमुख वृक्ष |
| उष्ण कटिबंधीय सदाबहार वन |
200 सेमी से अधिक |
आबनूस, महोगनी, रोजवुड |
| उष्ण कटिबंधीय पर्णपाती वन |
70 सेमी से 200 सेमी |
सागौन (Teak), साल, शीशम |
| कंटीले वन तथा झाड़ियाँ |
70 सेमी से कम |
आकाशिया, खजूर, कैक्टस |
| पर्वतीय वन |
ऊँचाई के अनुसार |
चीड़ (Pine), देवदार, ओक |
| मैंग्रोव वन |
तटीय क्षेत्र (ज्वार-भाटा) |
सुंदरी वृक्ष |
प्रश्न 1: भारत में 'उष्ण कटिबंधीय पर्णपाती वनों' को 'मानसूनी वन' क्यों कहा जाता है?
उत्तर: ये भारत में सबसे बड़े क्षेत्र में फैले हुए वन हैं। इन्हें मानसूनी वन इसलिए कहा जाता है क्योंकि ये वृक्ष शुष्क ग्रीष्म ऋतु में 6 से 8 सप्ताह के लिए अपनी पत्तियाँ गिरा देते हैं ताकि पानी का संरक्षण कर सकें।
प्रश्न 2: पारिस्थितिक तंत्र (Ecosystem) से क्या तात्पर्य है?
उत्तर: किसी भी क्षेत्र के पौधे और प्राणी अपने भौतिक पर्यावरण के साथ एक-दूसरे से जुड़े होते हैं और एक जटिल तंत्र बनाते हैं, जिसे पारिस्थितिक तंत्र कहते हैं। मनुष्य भी इस तंत्र का एक अटूट हिस्सा है।
प्रश्न 3: जैव-निचय (Bio-reserve) से क्या अभिप्राय है?
उत्तर: ये संरक्षित जीवमंडल क्षेत्र होते हैं जहाँ प्राकृतिक वनस्पति और जीव-जंतुओं को उनके प्राकृतिक आवास में सुरक्षित रखा जाता है। भारत में 18 जीवमंडल निचय हैं (जैसे- नीलगिरी, नंदा देवी)।
प्रश्न 4: मैंग्रोव वनों की मुख्य विशेषता क्या है?
उत्तर: मैंग्रोव वन तटीय क्षेत्रों में जहाँ ज्वार-भाटा आते हैं, वहाँ पाए जाते हैं। इन वृक्षों की जड़ें पानी में डूबी रहती हैं। गंगा-ब्रह्मपुत्र डेल्टा में प्रसिद्ध **'सुंदरी'** वृक्ष पाए जाते हैं, जिसके कारण इसका नाम **सुंदरवन डेल्टा** पड़ा है।
प्रश्न 5: वन्य प्राणियों के संरक्षण के लिए सरकार ने क्या कदम उठाए हैं?
सरकार द्वारा उठाए गए प्रमुख कदम:
- देश में 103 नेशनल पार्क और 535 वन्य जीव अभयारण्य बनाए गए हैं।
- 'प्रोजेक्ट टाइगर' और 'प्रोजेक्ट एलीफेंट' जैसी विशिष्ट योजनाएं शुरू की गई हैं।
- अवैध शिकार पर कड़ी पाबंदी और कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।