अध्याय 1: फ्रांसीसी क्रांति (1789)

कक्षा 9 इतिहास | स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व की कहानी

क्रांति की शुरुआत: 14 जुलाई 1789 की सुबह, पेरिस नगर में आतंक का माहौल था। क्रोधित भीड़ ने 'बास्तील के किले' (Bastille Prison) को तोड़ दिया, जो सम्राट की निरंकुश शक्तियों का प्रतीक था।

फ्रांसीसी समाज का वर्गीकरण

18वीं सदी में फ्रांसीसी समाज तीन एस्टेट्स (Estates) में बँटा था:

एस्टेट वर्ग विशेषता
प्रथम एस्टेट पादरी वर्ग (Clergy) इन्हें जन्म से विशेषाधिकार प्राप्त थे और टैक्स नहीं देना पड़ता था।
द्वितीय एस्टेट कुलीन वर्ग (Nobility) राज्य के उच्च पदों पर आसीन और सामंती विशेषाधिकार प्राप्त।
तृतीय एस्टेट व्यवसायी, किसान, मज़दूर 90% जनसंख्या, सारा टैक्स इन्हीं को देना पड़ता था।
प्रश्न 1: फ्रांसीसी क्रांति के प्रमुख कारण क्या थे?
उत्तर: क्रांति के मुख्य कारण निम्नलिखित थे:
प्रश्न 2: 'आतंक का राज' (Reign of Terror) किसे कहा जाता है?
उत्तर: सन 1793 से 1794 तक के काल को फ्रांस में 'आतंक का राज' कहा जाता है। इस दौरान मैक्समिलियन रोबेस्प्येर ने नियंत्रण और दंड की सख्त नीति अपनाई। विरोधियों को 'गिलोटिन' पर चढ़ाकर मृत्युदंड दिया जाता था।
प्रश्न 3: नेपोलियन बोनापार्ट का उदय कैसे हुआ?
उत्तर: डायरेक्टरी के शासन में राजनीतिक अस्थिरता का फायदा उठाकर नेपोलियन बोनापार्ट ने सत्ता पर कब्ज़ा किया। 1804 में उसने खुद को फ्रांस का सम्राट घोषित कर दिया। उसने यूरोप के आधुनिकीकरण के लिए कई कानून बनाए।
प्रश्न 4: फ्रांसीसी क्रांति की विश्व को क्या देन है?
उत्तर: स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक अधिकारों के विचार फ्रांसीसी क्रांति की सबसे महत्वपूर्ण विरासत थे। इसने यूरोप के अन्य देशों और भारत के टीपू सुल्तान व राजा राममोहन राय जैसे नेताओं को भी प्रेरित किया।
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