अध्याय 2: यूरोप में समाजवाद एवं रूसी क्रांति

कक्षा 9 इतिहास | साम्यवाद का उदय और ज़ार के शासन का अंत

सारांश: इस अध्याय में हम पढ़ेंगे कि कैसे समाजवाद के विचारों ने यूरोप में जड़ें जमाईं और रूस में 1917 की क्रांति के माध्यम से दुनिया की पहली समाजवादी सरकार बनी।

1. सामाजिक परिवर्तन के तीन मुख्य विचार

विचारधारा दृष्टिकोण
उदारवादी (Liberals) सभी धर्मों का सम्मान और व्यक्तिगत अधिकारों के समर्थक थे।
रेडिकल (Radicals) ऐसी सरकार चाहते थे जो बहुमत पर आधारित हो। महिलाओं के मताधिकार के समर्थक थे।
रूढ़िवादी (Conservatives) अतीत का सम्मान करते थे और बहुत धीमे बदलाव के पक्षधर थे।
प्रश्न 1: 'खूनी रविवार' (Bloody Sunday) की घटना क्या थी?
उत्तर: 1905 में पादरी गैपॉन के नेतृत्व में मज़दूरों का एक जुलूस ज़ार के महल (विंटर पैलेस) पहुँचा। पुलिस ने उन पर गोलियाँ चला दीं, जिसमें 100 से ज्यादा मज़दूर मारे गए। इस घटना को 'खूनी रविवार' कहा जाता है। इसके बाद पूरे रूस में हड़तालें शुरू हो गईं।
प्रश्न 2: 1917 की अक्टूबर क्रांति के मुख्य परिणाम क्या थे?
अक्टूबर क्रांति (व्लादिमीर लेनिन के नेतृत्व में) के मुख्य परिणाम निम्नलिखित थे:
प्रश्न 3: 'कुलक' (Kulak) और 'कोल्खोज़' (Kolkhoz) क्या थे?
उत्तर: कुलक: रूस के धनी किसानों को 'कुलक' कहा जाता था। स्टालिन के समय इनका सफाया कर दिया गया।
कोल्खोज़: सामूहिक खेती को 'कोल्खोज़' कहा जाता था। स्टालिन ने छोटे खेतों को मिलाकर बड़े सामूहिक खेत बनाए।
प्रश्न 4: रूसी क्रांति में 'लेनिन' की क्या भूमिका थी?
उत्तर: व्लादिमीर लेनिन बोल्शेविकों के नेता थे। उन्होंने अपनी 'अप्रैल थीसिस' (April Theses) में तीन मांगें रखीं: युद्ध समाप्त हो, ज़मीन किसानों को मिले और बैंकों का राष्ट्रीयकरण हो। उनके नेतृत्व में ही रूस में सफल क्रांति हुई।
प्रश्न 5: रूस में गृहयुद्ध (Civil War) के दौरान 'रेड्स' और 'व्हाइट्स' कौन थे?
उत्तर:
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