अध्याय 3: नात्सीवाद और हिटलर का उदय

कक्षा 9 इतिहास | वाइमर गणराज्य की विफलता और जर्मनी का उत्थान-पतन

पृष्ठभूमि: प्रथम विश्व युद्ध में जर्मनी की हार के बाद **वाइमर गणराज्य** की स्थापना हुई। लेकिन अपमानजनक 'वर्साय की संधि' ने जर्मनी के लोगों में बदले की भावना पैदा कर दी, जिसका फायदा एडोल्फ हिटलर ने उठाया।

1. वर्साय की संधि (Treaty of Versailles)

यह संधि जर्मनी के लिए बहुत कठोर और अपमानजनक थी। इसके मुख्य बिंदु थे:
प्रश्न 1: 'नॉर्डिक जर्मन आर्य' कौन थे?
उत्तर: हिटलर की विचारधारा (नात्सीवाद) के अनुसार, नॉर्डिक जर्मन आर्य विश्व की सबसे श्रेष्ठ नस्ल थे। हिटलर केवल इन्हीं लोगों को जर्मनी में रहने का अधिकार देना चाहता था और यहूदियों को अपना सबसे बड़ा दुश्मन मानता था।
प्रश्न 2: हिटलर के उदय के मुख्य कारण क्या थे?
हिटलर के सत्ता में आने के प्रमुख कारण निम्नलिखित थे:

2. हिटलर का शासन और प्रोपेगेंडा

प्रमुख शब्द अर्थ
गेस्टापो (Gestapo) नात्सी जर्मनी की गुप्तचर राज्य पुलिस।
कंसन्ट्रेशन कैंप जहाँ लोगों को बिना किसी कानूनी प्रक्रिया के कैद रखा जाता था।
नात्सी प्रोपेगेंडा नस्ली नफरत और हिटलर की पूजा के लिए प्रचार के माध्यम।
प्रश्न 3: 'अग्नि डिक्री' (Fire Decree) क्या थी?
उत्तर: 28 फरवरी 1933 को हिटलर ने 'अग्नि डिक्री' जारी की, जिसके जरिए उसने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, प्रेस और सभा करने जैसे नागरिक अधिकारों को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया।
प्रश्न 4: नात्सी विचारधारा में महिलाओं की क्या भूमिका थी?
उत्तर: हिटलर के अनुसार, पुरुषों और महिलाओं के अधिकार समान नहीं थे। महिलाओं का मुख्य कार्य शुद्ध आर्य बच्चों को जन्म देना और घर का पालन-पोषण करना था। अधिक बच्चों को जन्म देने वाली माताओं को 'सम्मान पदक' दिए जाते थे।
प्रश्न 5: हिटलर की विदेश नीति के मुख्य उद्देश्य क्या थे?
उत्तर: हिटलर का मुख्य उद्देश्य 'एक जन, एक साम्राज्य, एक नेता' (One People, One Empire, One Leader) था। उसने 1939 में पोलैंड पर हमला किया, जिससे द्वितीय विश्व युद्ध की शुरुआत हुई।
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